आजु देखी मर रहल संसार बा।
का कहीं लाचार ई सरकार बा।।
ध्यान राखीं देहिया के काम बा।
आन से आशा कइल बेकार बा।।
जाति के चरचा करा के आदमी।
देखि ली कतना करत तकरार बा।।
लोग के लागे कि हमरा ज्ञान बा।
आजु इनका आदमी दरकार बा
कठिन शब्द अउर अर्थ
- जात: अनाज पीसे वाला पत्थर के चक्की। (प्रयोग: जांत के पीसल आटा बहुत निमन लागेला।)




