हिसाब-किताब भोजपुरी लघुकथा

प्रकाशित: 07 Apr, 2026

जइसे ही लइका सवाल कइलस कि अतना बरिस से दुबई कमा तारऽ? का कइले बाड़ आजतक लेऽ? एको पइसा के आदमी बाड़ऽ? कमा के कुछ रखले बाड़ऽ? राजेश के मन बइठ गइल, लागल कि आजे धड़कन साथ छोड़ दी।
जइसे-तइसे खुद के सम्भाल पइलें,अउरी जिनगी के पचीस बरिस के हिसाब-किताब मे अझुरा गइलें।


बियाह के दुइए महीना बाद रिंकिया के माई के छोड़ के, अरब जाए के पड़ल रहे। मलिकाइन केतना कहली कि छोड़ दीं, रहे दीं, घरहीं कुछू करब। माई अतना कूल बात सुना देले रहे। इयाद बा, बाबू जी उ भर सफर कवनो चिठ्ठी के जवाब तकले ना देले रहलन। एगो मड़ई के घर आ दुआर पर एगो टूटल खटिया देख राजेश के बड़ा लाज लागे। उपर से बियाह मे लिहल कारजा। राजेशवा के झंकझोर के रख दिहलस। बेचारा नया-नचर मेहरारू छोड़ दुबई वापिस लौट गइल।


समय परवान चढ़ल। थावे वाली दुर्गा माई के कृपा भइल, हजरत निजामुद्दिन औलिया के रहमो-करम से, अंगना मे एगो लइका, एगो लइकी खेले लगलें। राजेश के मेहनत अउरी जिम्मेदारी दिन बा दिन अउरी बढ़े लागल। बहिन के बियाह, भाई के बियाह, घर बनावल, बेटा के पढ़ाई, बेटी के पढ़ाई फेर बेटी के बियाह जइसन काम,बेचारा के कबो साँसों लेबे के फुर्सत ना दिहलस।
हर दू साल मे दू महीना के छुट्टी आ ओ छुट्टी मे, माथा पर लादाइल सैकड़ो काम। हाय रे अरब के नौकरी?

घरे जाए से पहिले लोग कहेला कि राजेशवा बड़ी ओवर टाइम खिचेंला। कारन कि बजट से उपर लइकन के फरमाईश। कवनो के स्मार्टफोन के नया वर्जन चाहीं त कवनो के नया जेनेरेशन के लेपटॉप, कवनो के घड़ी त कवनो के कपड़ा। सगरी मेहनत अउर हारल-थाकल देंह बस एह बात के सुकून देला कि चलऽ अगिला महीना तऽ घरे जाहीं के बा।


पिछले बेरी के बात ह जब राहुल पटना पढ़े खातिर घर मे अठान-कठान डाल दिहले रहलन तऽ राजेश आपन एलआईसी तोड़ के उनके पटना भेजले रहलें। मलिकाइन खिसियइली तऽ तर्क ई दियाइल कि सब लइके खातिर नू होता। कय बेर मलिकाइन कहली कि कुछू रखीं अपनो लगे ना तऽ आज-काल्ह के लइका माई-बाप के कहँवा देखत बाड़े? बाकिर राजेश उनके एक ना सुनलें। जवन जमा-पूँजी, धन दउलत रहल बस परिवारे रहल।


घंटा भर से साइड मे बइठल राजेश के एक तरफ मुड़ी से पसीना गिरत रहे तऽ दूसरका तरफ आँख से लोर। लंच ब्रेक खतम भइल। हिसाब-किताब मे अभी अझुराइले रहलें तबले इंडिया वाला बैंक अकाउंट के मैसेस आइल। आपके अकाउंट मे शेष राशि 325 रूपये 50 पैसे हैं। और न्यूनतम राशि ना होने के कारन आपका बैंक अकाउंट बंद किया जा रहा है।

कठिन शब्द अउर अर्थ

  • माई: माता।
  • मुड़ी: सिर।
  • जिनगी: जिंदगी।

शम्स जमील

भोजपुरी रचनाकार दुबई

"शम्स जमील भोजपुरी के बेहतरीन रचनाकार बानी"

होम रचनाकार वीडियो शब्द-कोश पत्रिका