सतावल करेला सुबह शाम हरदम

प्रकाशित: 09 अप्रैल, 2026

सतावल करेला सुबह शाम हरदम।
पढ़ावल करेला हरे राम हरदम।।

थकल बा हमेशा कमासुत शहर के।
लगावल करेला नरम जाम हरदम।।

सुबह नींद टूटल तमाशा बनवलस।
बतावल करेला जबर काम हरदम।।

गजब के उ कइलसि परम प्रेम हमसे।
रटावल करेला अपन नाम हरदम।।

कहेलन विनायक रही बाँचि उनसे।
करावल करेला उ बदनाम हरदम।।

गणेश नाथ तिवारी "विनायक"

संस्थापक-जय भोजपुरी जय भोजपुरिया, सह सम्पादक- सिरिजन भोजपुरी तिमाही ई पत्रिका श्रीकरपुर,सिवान

"वर्तमान पता-3,प्रिन्सेप लेन कोलकाता शिक्षा - स्नातक मो0 9523825251 (सऊदी अरब में मेकेनिकल टेक्नीशियन के रूप में नोकरी 2011 से 2024 तक )"

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