सिवान के लाल, भोजपुरी के शान: शम्स जमील साहब के जनमदिन आज

द पुरवइया डेस्क 1 Subscribers
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@thepurvaiya • 46 Views • 14 मई, 2026

आज एगो बहुत खास दिन बा। खास एह वजह से कि आज भोजपुरी साहित्य के एगो अइसन दिग्गज के जन्मदिन ह, जेकर कलम जब कागज पर चलेले त सिवान के माटी के खुशबू सीधे समंदर पार तक पहुँच जाले। हम बात करत बानी शम्स जमील साहब के। अब जवन लोग साहित्य के शौकीन बा, ओकरा त बतावे के जरूरत नईखे कि शम्स साहब के कद का बा, बाकिर जे लोग ना जाने ओकरा खातिर जानल जरूरी बा कि ई उहे शख्स हउवें जे सिवान के गलियन से निकल के आज दुबई जइसन चकाचौंध वाला शहर में रहत बाड़ें, बाकिर उनकर रूह आजो अपनी माटी अउर भोजपुरी साहित्य में बसल बा।

आज के लल्लनटॉप बात ई बा कि सात समंदर पार रहला के बाद भी शम्स जमील साहब के कलम अपनी जड़ों से ओतने मजबूती से जुड़ल बा। अक्सर लोग बाहर जाके आपन भाषा-बोली बिसरा जाला, बाकिर शम्स साहब उहाँ रह के भी भोजपुरी के झंडा गड़ले बाड़ें। उनकर लिखल कहानियन में रउआ उहे सादगी अउर उहे गाँव के चौपाल वाली मिठास मिली जवन सीधे दिल के तार छेड़ देले। उनकर खासियत ई बा कि उ कवनो बनावटी बात ना लिखेलें, बल्कि परदेस में रह के भी अपनी माटी के जवन सोंध महक के अपनी रचना में पिरो देलें, उ काबिल-ए-तारीफ बा।

देखीं, असली बात ई बा कि आज के समय में जहाँ भोजपुरी के नाम पर कई जगह अश्लीलता के शोर बा, उहाँ शम्स जमील जइसन लोग सुकून के छाँव नियर बाड़ें। ई बतावेलें कि हमनी के भाषा केतनी समृद्ध बा अउर एकर विस्तार केतना बड़ बा। दुबई में बइठ के जब उ भोजपुरी के भविष्य खातिर फिकिर करेलें अउर लिखेलें, त ई बात साबित हो जाले कि भाषा कवनो सरहद के मोहताज ना होला। उनकर कलम के धार आजो ओतने तेज बा जतना सिवान के गलियन में रहत घरी रहे।

त आज उनकर जन्मदिन पर पूरा भोजपुरिया जहान उनकरा के गाड़ा-गाड़ा बधाई दे रहल बा। दुआ ईहे बा कि शम्स साहब जुग-जुग जियें, स्वस्थ रहें अउर परदेस में रह के भी अइसहीं अपनी लेखनी से भोजपुरी के मान-सम्मान दुनिया भर में बढ़ावत रहें। सिवान के ई लाल आज वाकई में वैश्विक भोजपुरी के पहचान बन चुकल बाड़ें। त भइया, अगर रउआ भी भोजपुरी प्रेमी हईं, त आज दुबई से लेके बिहार तक शम्स साहब के जन्मदिन के गूँज सुनावे के चाहीं। जन्मदिन के बहुत-बहुत बधाई शम्स जमील साहब! जय भोजपुरी!

Purvaiya
द पुरवइया डेस्क @thepurvaiya

आज एगो बहुत खास दिन बा। खास एह वजह से कि आज भोजपुरी साहित्य के एगो अइसन दिग्गज के जन्मदिन ह, जेकर कलम जब कागज पर चलेले त सिवान के माटी के खुशबू सीधे समंदर पार तक पहुँच जाले। हम बात करत बानी शम्स जमील साहब के। अब जवन लोग साहित्य के शौकीन बा, ओकरा त बतावे के जरूरत नईखे कि शम्स साहब के कद का बा, बाकिर जे लोग ना जाने ओकरा खातिर जानल जरूरी बा कि ई उहे शख्स हउवें जे सिवान के गलियन से निकल के आज दुबई जइसन चकाचौंध वाला शहर में रहत बाड़ें, बाकिर उनकर रूह आजो अपनी माटी अउर भोजपुरी साहित्य में बसल बा।

आज के लल्लनटॉप बात ई बा कि सात समंदर पार रहला के बाद भी शम्स जमील साहब के कलम अपनी जड़ों से ओतने मजबूती से जुड़ल बा। अक्सर लोग बाहर जाके आपन भाषा-बोली बिसरा जाला, बाकिर शम्स साहब उहाँ रह के भी भोजपुरी के झंडा गड़ले बाड़ें। उनकर लिखल कहानियन में रउआ उहे सादगी अउर उहे गाँव के चौपाल वाली मिठास मिली जवन सीधे दिल के तार छेड़ देले। उनकर खासियत ई बा कि उ कवनो बनावटी बात ना लिखेलें, बल्कि परदेस में रह के भी अपनी माटी के जवन सोंध महक के अपनी रचना में पिरो देलें, उ काबिल-ए-तारीफ बा।

देखीं, असली बात ई बा कि आज के समय में जहाँ भोजपुरी के नाम पर कई जगह अश्लीलता के शोर बा, उहाँ शम्स जमील जइसन लोग सुकून के छाँव नियर बाड़ें। ई बतावेलें कि हमनी के भाषा केतनी समृद्ध बा अउर एकर विस्तार केतना बड़ बा। दुबई में बइठ के जब उ भोजपुरी के भविष्य खातिर फिकिर करेलें अउर लिखेलें, त ई बात साबित हो जाले कि भाषा कवनो सरहद के मोहताज ना होला। उनकर कलम के धार आजो ओतने तेज बा जतना सिवान के गलियन में रहत घरी रहे।

त आज उनकर जन्मदिन पर पूरा भोजपुरिया जहान उनकरा के गाड़ा-गाड़ा बधाई दे रहल बा। दुआ ईहे बा कि शम्स साहब जुग-जुग जियें, स्वस्थ रहें अउर परदेस में रह के भी अइसहीं अपनी लेखनी से भोजपुरी के मान-सम्मान दुनिया भर में बढ़ावत रहें। सिवान के ई लाल आज वाकई में वैश्विक भोजपुरी के पहचान बन चुकल बाड़ें। त भइया, अगर रउआ भी भोजपुरी प्रेमी हईं, त आज दुबई से लेके बिहार तक शम्स साहब के जन्मदिन के गूँज सुनावे के चाहीं। जन्मदिन के बहुत-बहुत बधाई शम्स जमील साहब! जय भोजपुरी!

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