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एक दिन बाद भेंट होइ, नाही केहू अब लेट होइ

204 Views • अप्रैल 10, 2026

एक दिन बाद भेंट होई
नाही केहू अब लेट होई
कविता गीत गज़ल से
मंच ई काल्ह सेट होई

भोजपुरी मे राखता जे
नवहा लोगन के ठेल के
अबकी बेर सुने के मिली
भइया संतोष पटेल के

डर के मारे नुरैन अंसारी
कुछ गड़बड़ नाही सुनाई
बेलना लेके बइठल रहस
बगले मे हमार भउजाई

जेकरा भीतर श्रंगार के
रस से भरल गागर बा
जिला सिवान जन्मभूमि
नाम देखीं रामसागर बा

वीडियो जे बना रहल बा
गड़हा गड़ही मे ढुल के
संतोष विश्वकर्मा जी के
सुने के मिली खुल के

सुने सभे किस्सा कहानी
आँख मुन के विरन के
गीत गवनई मे जोड़ा केने
कलकता से किरन के

मुड़ी मे केस जेकरा देखीं
बाटे बडी गम्भीर जी
सउदी अरब से जुड़िहें
भाई जमील मीर जी

वइसे त तबारक भाई
कहेलन ओमान बाड़न
बाकिर पुरवइया मंच के
हरमेसा से जान बाड़न

छपरा से आवऽ तारन
लागता पैदल चल के
पहिला बेर स्वागत करीं
मंच पर सुर्येश निर्मल के

माई भाखा ला भूल जाला
खाये के जे खाएक जी
भोजपुरी के अइसन हस्ती
बानी गणेश विनायक जी

सरस्वती के जेकरा उपर
गजबे के अशेष बाटे
कार्यक्रम के कर्ता धर्ता
नाम भाउक मुकेश बाटे

कर लीं तुलना इंहा के
साहित्य मे धुरंधर से
सुनल जाई कविता अबकी
फेरू कवि राघवेंद्र से

देखते जेके के बढ़ जाला
धड़कन रउवा दिल के
संचालन के जिम्मा बाटे
दुबई से शम्श जमील के.

कठिन शब्द अउर अर्थ

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