Categories

सभी भोजपुरी साहित्यभोजपुरी गीतकवितादेखिएभोजपुरी कहानीग़ज़लहिंदी साहित्यमुक्तकभोजपुरी सनीमाई-पत्रिकालघुकथाव्यंग्य

झूठ बोलल आजकल शान में गिनाता

204 Views • अप्रैल 14, 2026

झूठ बोलल आजकल शान में गिनाता
अब त लेड के पेड़ भी परधान में गिनाता

हो गईल ईमानदारी घर-घर में मूसमात
अब दर्द के दवा भी एहसान में गिनाता

भाषण जे देत बाड़े टीवी पर दिन-रात
टाई-सूट वाला भी किसान में गिनाता

भाई के हक़ मार के जे बढ़ गईल आगे
आज उहो लोग साहिबे ईमान में गिनाता

अब हकीकत बा कम देखावा बा ज़्यादा
सवा मीटर कपड़ा भी थान में गिनाता

छूट गईल गाँव में ही आपन पुश्तैनी घर
शहर के 25 गज के फ्लैट मकान में गिनाता

भीड़ देखि के मदद के गुहार मत लगाईं
जे भीड़ में बा हिन्दू-मुसलमान में गिनाता

नूरैन! जे ग़ैर रहे उ लोग हो भइल आपन
जे आपन रहे, उ अब आन में गिनाता

Comments