अन्हरिया, काहें जिनिगिया में आइल
मन हमरो शीशा चमकावे,
का बा भीतरी, कुल दिखावे,
ई बात कहा उधियाइल-2
अन्हरिया, काहें जिनिगिया में आइल-2
(1)
आपन अपने साथ न देला-2
का कहीं, कइसन बा मेला-2
महल बनावल रेत के जइसे,
देखीं गिरल भहराइल-2
अन्हरिया, काहें जिनिगिया में आइल-2
(2)
जाने केकर नजरि बा लागल-2
छोड़ आपन परछाई भी भागल-2
केकरा पर हम करीं भरोसा,
मन बहुते अगराइल-2
अन्हरिया, काहें जिनिगिया में आइल-2
(3)
आस के दिया कइसे बारी-2
उठ खड़ा सपना के तारी-2
सुख के काजर कुल भिज गइलें,
भावुक लोर डेराईल-2
अन्हरिया, काहें जिनिगिया में आइल-2
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