हम का करीं, बुझाते नइखे-नूरैन अन्सारी

नूरैन अंसारी 3 Subscribers
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@noorain_ansari • 263 Views • 29 नवम्बर, 2025

हम का करीं, बुझाते नइखे.
दुःख मुसीबत, जाते नइखे.

दोसरा के छोड़ीं महाराज,
आपन तऽ, सम्हराते नइखे.

खेती कइनी नोकरी कइनी,
कही कुछउ, पोसाते नइखे.

हाल बताई हम केकरा से,
जब क़ेहु, पतियाते नइखे.

कबले माहुर पियत रहीं,
बोलला बिना,ख़ेपाते नइखे

पंच बोलाइ तऽ बाऊर बा,
आ घर में ,फरियाते नइखे.

होखे आपन चाहे वीराना,
बढ़ल क़ेहु के,सोहाते नइखे.

Purvaiya
नूरैन अंसारी @noorain_ansari

हम का करीं, बुझाते नइखे.
दुःख मुसीबत, जाते नइखे.

दोसरा के छोड़ीं महाराज,
आपन तऽ, सम्हराते नइखे.

खेती कइनी नोकरी कइनी,
कही कुछउ, पोसाते नइखे.

हाल बताई हम केकरा से,
जब क़ेहु, पतियाते नइखे.

कबले माहुर पियत रहीं,
बोलला बिना,ख़ेपाते नइखे

पंच बोलाइ तऽ बाऊर बा,
आ घर में ,फरियाते नइखे.

होखे आपन चाहे वीराना,
बढ़ल क़ेहु के,सोहाते नइखे.

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