पुरवइया
अतिथि
लॉगिन करें
सेव्ड
लेखक
वीडियोज़
एक्सप्लोर करें
कवि सम्मेलन
टॉपिक्स
हमारे बारे में
सेटिंग्स
फ़ीडबैक
पुरवइया
होम
बड़ी ख़बर
राजनीति
भोजपुरी साहित्य
भोजपुरी सनीमा
भोजपुरी साहित्य
सभी
कविता
भोजपुरी गीत
मुक्तक
ग़ज़ल
गाँव के माटी, मन के मीत
5 महीना पहले
माटी कवि सम्मेलन के,भोजपुरियन में क्रेज रही
5 महीना पहले
कवि सम्मेलन में सभकर जुटान बा
5 महीना पहले
एक दिन बाद भेंट होइ, नाही केहू अब लेट होइ
5 महीना पहले
असली प्रीत ठुकरा के पगली, खोजतारू उधार में
5 महीना पहले
जतन से गरीबी जोगावल गइल बा
5 महीना पहले
दोसती के हाथ हरदम, बा बढावत लोगवा
5 महीना पहले
सतावल करेला सुबह शाम हरदम
5 महीना पहले
प्रीति के रीति सबके पता हो गइल
5 महीना पहले
आजु देखी मर रहल संसार बा
5 महीना पहले
देखि के बाग के फूल मउरा गइल
5 महीना पहले
कबो खूब हमके हंसावल गइल
5 महीना पहले
सतावेले दुनिया, रोवावेले दुनिया
5 महीना पहले
अब झूठ के कमाई करे लगनी
5 महीना पहले
रउवा रुठ गइनी तऽ मनाईब कइसे
5 महीना पहले
बचपन के हमरा याद के दरपन कहाँ गइल
5 महीना पहले
फूल के अस्मिता बचावे के
5 महीना पहले
हजारो सपना सजा के मन में चलत रहेलें मनोज भावुक
5 महीना पहले
दर्द उबल के जब छलकेला गज़ल कहेलें भावुक जी
5 महीना पहले
जब से शहर में आइल तब से बा अउँजियाइल
5 महीना पहले
करिके गवनवा, भवनवा में छोडि कर
5 महीना पहले
गवना कराइ सैंया घर बइठवले से
5 महीना पहले
हमरा बलमु जी के बड़ी-बड़ी अँखिया से
5 महीना पहले
बेटी विलाप / भिखारी ठाकुर
5 महीना पहले
आवेला आसाढ़ मास, लागेला अधिक आस
5 महीना पहले
ताखा पर दिया बारऽता केहू
5 महीना पहले
तू-तू-मैं-मैं कइला से झगड़ा फरियाई का ?
5 महीना पहले
« पिछला
1
2
3
4
अगला »
होम
कवि सम्मेलन
वीडियो
शब्दकोश
अकाउंट