कवि सम्मेलन में सभकर जुटान बा नूरैन अंसारी 89 पाठक • 2 सप्ताह पहिले नूरैन अंसारी • 89 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
एक दिन बाद भेंट होइ, नाही केहू अब लेट होइ शम्स जमील 168 पाठक • 2 सप्ताह पहिले शम्स जमील • 168 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
असली प्रीत ठुकरा के पगली, खोजतारू उधार में तबारक अंसारी 26 पाठक • 2 सप्ताह पहिले तबारक अंसारी • 26 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
जतन से गरीबी जोगावल गइल बा गणेश नाथ तिवारी "विनायक" 14 पाठक • 2 सप्ताह पहिले गणेश नाथ तिवारी "विनायक" • 14 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
दोसती के हाथ हरदम, बा बढावत लोगवा गणेश नाथ तिवारी "विनायक" 17 पाठक • 2 सप्ताह पहिले गणेश नाथ तिवारी "विनायक" • 17 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
सतावल करेला सुबह शाम हरदम गणेश नाथ तिवारी "विनायक" 25 पाठक • 2 सप्ताह पहिले गणेश नाथ तिवारी "विनायक" • 25 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
प्रीति के रीति सबके पता हो गइल गणेश नाथ तिवारी "विनायक" 10 पाठक • 2 सप्ताह पहिले गणेश नाथ तिवारी "विनायक" • 10 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
आजु देखी मर रहल संसार बा गणेश नाथ तिवारी "विनायक" 10 पाठक • 2 सप्ताह पहिले गणेश नाथ तिवारी "विनायक" • 10 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
देखि के बाग के फूल मउरा गइल गणेश नाथ तिवारी "विनायक" 24 पाठक • 2 सप्ताह पहिले गणेश नाथ तिवारी "विनायक" • 24 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
कबो खूब हमके हंसावल गइल गणेश नाथ तिवारी "विनायक" 8 पाठक • 2 सप्ताह पहिले गणेश नाथ तिवारी "विनायक" • 8 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
सतावेले दुनिया, रोवावेले दुनिया गणेश नाथ तिवारी "विनायक" 15 पाठक • 2 सप्ताह पहिले गणेश नाथ तिवारी "विनायक" • 15 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
अब झूठ के कमाई करे लगनी नूरैन अंसारी 12 पाठक • 2 सप्ताह पहिले नूरैन अंसारी • 12 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
बस्तियाँ राख हैं, ख़्वाब मलबे में है मुकेश यादव "भावुक" 144 पाठक • 2 सप्ताह पहिले मुकेश यादव "भावुक" • 144 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
रउवा रुठ गइनी तऽ मनाईब कइसे किरण शर्मा 112 पाठक • 2 सप्ताह पहिले किरण शर्मा • 112 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
एक तरफ़ तो आँगन में दीवाली थी गौरव साक्षी 88 पाठक • 2 सप्ताह पहिले गौरव साक्षी • 88 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
बचपन के हमरा याद के दरपन कहाँ गइल मनोज भावुक 9 पाठक • 2 सप्ताह पहिले मनोज भावुक • 9 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
हजारो सपना सजा के मन में चलत रहेलें मनोज भावुक मनोज भावुक 8 पाठक • 2 सप्ताह पहिले मनोज भावुक • 8 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
दर्द उबल के जब छलकेला गज़ल कहेलें भावुक जी मनोज भावुक 12 पाठक • 2 सप्ताह पहिले मनोज भावुक • 12 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
जब से शहर में आइल तब से बा अउँजियाइल मनोज भावुक 10 पाठक • 2 सप्ताह पहिले मनोज भावुक • 10 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
करिके गवनवा, भवनवा में छोडि कर भिखारी ठाकुर 11 पाठक • 2 सप्ताह पहिले भिखारी ठाकुर • 11 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
गवना कराइ सैंया घर बइठवले से भिखारी ठाकुर 12 पाठक • 2 सप्ताह पहिले भिखारी ठाकुर • 12 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
हमरा बलमु जी के बड़ी-बड़ी अँखिया से भिखारी ठाकुर 10 पाठक • 2 सप्ताह पहिले भिखारी ठाकुर • 10 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
बेटी विलाप / भिखारी ठाकुर भिखारी ठाकुर 15 पाठक • 2 सप्ताह पहिले भिखारी ठाकुर • 15 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
आवेला आसाढ़ मास, लागेला अधिक आस भिखारी ठाकुर 17 पाठक • 2 सप्ताह पहिले भिखारी ठाकुर • 17 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
तू-तू-मैं-मैं कइला से झगड़ा फरियाई का ? संतोष विश्वकर्मा 'सूर्य' 14 पाठक • 2 सप्ताह पहिले संतोष विश्वकर्मा 'सूर्य' • 14 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
राती भर मच्छर मुँआ देले बाटे संतोष विश्वकर्मा 'सूर्य' 12 पाठक • 2 सप्ताह पहिले संतोष विश्वकर्मा 'सूर्य' • 12 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
चलत जबले जिनगी के गाड़ी रहे मुकेश यादव "भावुक" 73 पाठक • 2 सप्ताह पहिले मुकेश यादव "भावुक" • 73 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
दिल कइसे तोहसे हम लगाईं, दिल चुरा लिहलस केहू मुकेश यादव "भावुक" 17 पाठक • 2 सप्ताह पहिले मुकेश यादव "भावुक" • 17 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
बाटे बस बात अब भरोसा के इहवाँ मुकेश यादव "भावुक" 27 पाठक • 2 सप्ताह पहिले मुकेश यादव "भावुक" • 27 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
जिनगी के का-का तमाशा देखावे जरूरत मुकेश यादव "भावुक" 17 पाठक • 2 सप्ताह पहिले मुकेश यादव "भावुक" • 17 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
कइसे ई जिनगीया कटी, कुछु बोल सखी मुकेश यादव "भावुक" 19 पाठक • 2 सप्ताह पहिले मुकेश यादव "भावुक" • 19 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
देश के काहे नीचा दिखावत बाड़अ? राघवेंद्र प्रकाश 'रघु' 122 पाठक • 2 सप्ताह पहिले राघवेंद्र प्रकाश 'रघु' • 122 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
कहानी के प्लाट – एगो मार्मिक भोजपुरी प्रेम कहानी मनोज भावुक 33 पाठक • 2 सप्ताह पहिले मनोज भावुक • 33 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
चिरई बड़ा जुलुम तु कइलू….भोजपुरी कहानी श्लेष अलंकार 19 पाठक • 2 सप्ताह पहिले श्लेष अलंकार • 19 पाठक • 2 सप्ताह पहिले
“बुढ़िया” भोजपुरी कहानी – राघवेन्द्र प्रकाश रघु राघवेंद्र प्रकाश 'रघु' 615 पाठक • 3 महीना पहिले राघवेंद्र प्रकाश 'रघु' • 615 पाठक • 3 महीना पहिले
हमनी के राति दिन दुखवा भोगत बानी-हीरा डोम हीरा डोम 241 पाठक • 3 महीना पहिले हीरा डोम • 241 पाठक • 3 महीना पहिले